चैत्यवंदन एक भक्ति अनुष्ठान है जिसमें तीर्थंकरों की स्तुति, मंत्रोच्चार और कायोत्सर्ग (Kausagga) शामिल होते हैं। पालिताना की तलहटी से लेकर शिखर तक, श्रद्धालु इन पांच चरणों में अपनी भक्ति अर्पित करते हैं।
"भाई! चाहे तुम अमीर हो या गरीब, पंडित हो या मूर्ख, यहाँ समभूमि पर सब एक समान हैं। जैसे यह ज़मीन समतल है, वैसे ही समता का भाव रखो।" palitana 5 chaityavandan in hindi full
श्री शत्रुंजय सिद्धक्षेत्र, दीठे दुर्गति वारे; भाव धरीने जे चढे, तेने भवजल पार उतारे। पंडित हो या मूर्ख
यहाँ भक्त अपनी यात्रा की पूर्णाहुति करते हैं और संसार सागर से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं। दीठे दुर्गति वारे